Monday, January 10, 2011



 खुद को इस दिल में बसाने की इज्जाजत दे दो,
मुझको तुम अपना बनाने की इज्जाजत दे दो.

तुम मेरी जिंदगी का हसीं लम्हा हो,
फूलों से खुद को सजाने की इज्जाजत दे दो.

मैं कितना चाहता हु तुम्हे क्या बताऊँ,
मुझे आज ये बताने की इज्जाजत दे दो.

तुम्हारी रात सी जुल्फों में चाँद सा चेहरा,
मुझे ये शाम सजाने की इज्जाजत दे दो,

मुझे कैद करलो अपनी मोह्हबत्त में,
तुम पर अपनी जान लुटाने की इज्जाजत दे दो.

नहीं हे शौख "कमल" उसे भूलने का मगर,
मुझे ये दुनिया भुलाने की इज्जाजत दे दो.









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